वो कहते है न, ‘समय के साथ जो नहीं बदलता वो पीछे रह जाता है’ ब्लॉगिंग की दुनिया मे भी कुछ ऐसा ही हो रहा है। आज के समय मे ब्लॉगिंग करने के लिए आपके लेखन शैली के साथ साथ टेक्नॉलजी का ज्ञान भी होना चाहिए। बस फिर क्या था, जिन लेखकों ने टेक्नॉलजी के साथ आपने आप को बदला वो आज शीर्ष ब्लॉगर मे शामिल है। जिन्होंने ने ऐसा नहीं किया वो आज दूसरे के लिए गेस्ट लेखक के रूप मे काम करते है।
Blog Writing के बारे मे बताने से पहले मैं आपको कुछ राज़ की बात बताना चाहता हूँ। अगर आप पहले से लेखन का काम करते है या शुरू करने वाले है। ये दोनों के लिए उतना ही फायदेमंद है।
टॉपिक रिसर्च
आप जब भी कोई कीवर्ड या टॉपिक को लिखने के लिए चुनते है। बहुत से बातें आपको अपने टॉपिक के बारे में पहले से पता होता है, कुछ टॉपिक ऐसा भी होता है जो आपके लिए बिल्कुल नया होता है। यहाँ पे बहुत से लोग गलती भी कर देते है, या यूं कहे उनका अति-विश्वास उनका शत्रु बन जाता है। उनको ये गलत है उन्हे जो पता है बस उतना ही है इस टॉपिक के अंदर। ऐसे स्थिति में अपने आधा-अधूरे ज्ञान के सहारे ही आप कंटेन्ट लिख देते है।
दिक्कत तब होती जब आपका विपक्षी पूरे टॉपिक को रिसर्च कर के कंटेन्ट लिखता है। आपके मुकवाले हो सकता है उसका राइटिंग स्किल उतनी अच्छी न हो फिर भी लोग उसको पसंद करते है, और उसका आर्टिकल आपके ब्लॉग से आगे मिकल जाता है। इसका सबसे बड़ा कारण ब्लॉगिंग जो प्लेटफॉर्म है जहां लोग ज्ञान या जानकारी के लिए आते है। जिस आर्टिकल मे उन्हे आपने टॉपिक पे जादा विस्तार मे जानकारी मिलती है उसको लोग पसंद करते है। इसलिए किसी भी टॉपिक को लिखने से पहले उसपे रिसर्च जरूर करें।
अलग लेखन तरीका
दुनिया मे बहुत से लेखक है और एक ही टॉपिक पे हजारों की संख्या मे आपको ब्लॉग मिल जायेगें। सबका एक ही मकसद होता है पाठकों को अधिक से अधिक जानकारी देना। तो आपको पहले ये समझना होगा की आपको इस भीड़ का हिशा बन के रह जाना है, या कुछ ऐसा करना है की लोग आपको जाने। बेसक आप सबको कुछ अलग ही करना होगा भीड़ का हिशा कोई नहीं बनना चाहता है।
इसका एक ही उपाय है आपको अपना एक अलग राइटिंग स्किल बनाना होगा। जिसको पढ़ते ही लोग समझ जाए की किसका लिखा हुआ है। उदाहरण के तौर पे आप नील पटेल को ले सकते है। आप मे से बहुत से लोग इनको जानते होंगे और फॉलो भी करते होंगे। जब भी आप इनकी ब्लॉग को पढ़ेंगे आपको एक अलग बात दिखेगी। ये जब भी लिखते है तो बड़े से बड़े कठिन सवाल को भी आसानी से समझा देते है। ये इनका अलग पहचान है Blog Writing में। आपको भी अपने राइटिंग मे इसी तरह की कुछ अनोखा तरीका लाना होगा जो आपको भीड़ से अलग ले जाएगा।
पाठक को पढ़ने से क्या लाभ हो
जब भी कोई भी ब्लॉग या बुक लिखते है आपका मकसद लोगों को पढ़ना होता है। लेकिन आपने कभी पाठक के नजरिए से सोच उनका मकसद क्या होता है। जब भी हम को ब्लॉग पढ़ते है तो हम अपने फायदे के लिए पढ़ते है न की लेखक के लिए।
जब आप लिखते है उस समय आपको इसका खास ध्यान रखना है। जब तक आपके पाठकों को आपके ब्लॉग से कुछ फायदा नहीं मिलेगा वो नहीं पढ़ेंगे। अब फायदा देने का ये मतलब नहीं है आप उनको कुछ तोहफा दे। आपको अपने ब्लॉग मे अपने सुझाव बताने है जिसको इस्तेमाल करने से आपके पाठकों को क्या फायदा होगा। अगर आप किसी प्रोडक्ट पे ब्लॉग लिख रहे है तो आप उसके गुण और अवगुण बता सकते है। जब आपके पाठक उस प्रोडक्ट को खरीदे तो उनको क्या फायदा होगा ये बता सकते है।
अपने लक्ष्य से न भटके
आपकी लेख मे हमेशा कोई न कोई लक्ष्य होता है। जिसके इर्द-गिर्द आपका पूरा ब्लॉग घूमता राहत है। बहुत बार ऐसा होता है आप अपनी ब्लॉग को लंबी बनाने के चकर में मुख्य टॉपिक को भूल जाते है।
आपको इसके लिए बंदिश नहीं है की आप अपनी ब्लॉग को लंबी न करें। आपको करना क्या है हरेक 300 शब्दों के बाद आपने टॉपिक का जिक्र करना है पाठक को याद दिलाते रहना है की वो जो पढ़ रहा है उसी टॉपिक से संबंधित है। अगर पाठक को ऐसा नहीं लगेगा तो वो आपके ब्लॉग को चोर कर काही ओर चल जाएगा।
अपने niche को चुने
जिस तरह से आप अपना ब्लॉग स्टार्ट करने से पहले अपने niche को चुनते है। उसी तरह से आपको एक सफल लेखक बनने के लिए भी niche को चुनना होता है। किस भी टॉपिक को लिखने के लिए उस टॉपिक के बारे मे जायद से जायद ज्ञान होना आवश्यक होता है।
एक से जादा niche पे ब्लॉग लिखने से आप किसी एक टॉपिक मे अपने आप को साबित नहीं कर पते है। आप जब भी एक niche को फॉलो करते है तो इससे आपको दो फायदे होते है।
1. आपका ज्ञान उस टॉपिक मे बढ़ता चल जाता है।
2. आपके फालोअर आप पे ट्रस्ट करने लगते है।
आपने पाठकों को बांधे (engage) रखना
लगाओ चाहे जिंदगी में हो या आपके ब्लॉग में हमेशा अच्छा होता है। इस लगाओ को आपको पाने ब्लॉग मे भी लेकर आना है। आपको अपने कंटेन्ट के बीच बीच ऐसी शब्दों का उपयोग करना है जिसके आपके और आपके पाठक के बीच लगाओ बन रहे।
इसके लिए कुछ शब्दों का रेगुलर तरीके से इस्तेमाल कर सकते है।
जैसे :
क्या आप रोमांचित है आगे पढ़ने के लिए?
क्या आपके साथ कभी ऐसा हुआ है?
ये बातें आपने नहीं सुनी होंगी?
इस तरह के बहुत से शब्द और वाक्य है जिक आप इस्तेमाल कर सकते है आपने अपथक को बांधे (engage) रखने के लिए। आप चाहे तो कुछ रोमांचित करने वाली कहानियाँ भी इस्तेमाल कर सकते है अपने टॉपिक के हिसाब से।
जितना हो सके आसान बनाना
Blog Writing एक कला है मैंने आपको पहले भी बताया है। आपके इस कला को देखने अलग अलग तरह के लोग आते है। कोई बहुत समझदार होते है जो आपके इशारे भी समझ लेते है, और कुछ ऐसे भी होते है जो आपके वाक्यों को भी नहीं समझ पता है।
आपको अपनी राइटिंग स्किल को इस तरह का बनाना है की हर तरह के लोग आपके वाक्यों को आसानी से समझ सके। इयाके लिए सबसे अच्छा तरीका मन जाता है उदाहरण देने का। जब आप स्कूल मे होंगे तब आपके शिक्षक ये तरीका अपनाया करते थे आपको समझने के लिए। आज वही तरीका आपको भी फॉलो करना है अपने पाठक को समझने के लिए। जब भी ब्लॉग लिखते है और आपको कोई ऐसा वाक्य या शब्द मिलता है जो एक सधारण आदमी को समझने में दिक्कत हो सकती है। उन वाक्यों को या तो आपको सरल भाषा मे बताना है या फिर को उदाहरण देकर समझना है।
पढ़े-मिटाए फिर पढ़े-मिटाए
आप ब्लॉग तब तक पूरा नहीं होता जब तक आप खुद उसी 2,3 बार नहीं पढ़ लेते। जी है, बहुत से लोग एक काम को बोरिंग ओर टाइम टेकिंग समझते है। लेकिन ऐसा करना बहुत जरूरी है ये आपके जुझारूपन को दिखता है।
मन लीजिए आपने कोई पोस्ट लिखा और बहुत जगह छोटी छोटी गलतियाँ रह गई। जैसे: कही पूर्णविराम तो कही कुछ व्याकरण की अशुद्धियाँ। पाठक हरएक तरह के होते है कुछ पाठक इन सब बातों को बहुत बारीकी से देखते है। वो इन सब बातों से आपकी कल्पना कर लेते है की आप जुझारू है या नहीं। आपको इन सब बातों पर ध्यान रखना है।
ब्लॉग लिखने के बाद जब आप पनि ब्लॉग को पहली बार पढ़ते है, तो आपको छोटी-मोटी शब्दों का हेर-फेर करना करना पड़ सकता है। जो भूल से छूट गई हो या कुछ ऐसे व्याकरण की गल्तिय जो नहीं होनी चाहिए थी। ये सब छोटी-छोटी गलतियाँ लिखते समय नहीं पता चलती है। इसलिए प्रूफ रीडिंग हर कंटेन्ट राइटर के लिए जरूरी होता है चाहे वो छोटा हो या बड़ा।
उमीद करता आप मेरे द्वारा बताए गए पॉइंट्स को फॉलो करेंगे। क्यूंकि मेरा काम बताना है इसको इस्तेमाल करना या न करना ये आप पे निरभर करता है। चलिए अब हम बात करते है ब्लॉग को सही तरीके से कैसे लिखा जाता है। ब्लॉग राइटिंग बाकी सभी राइटिंग से थोरी सी अलग है क्यूंकि यहा पे आपको SEO का ख्याल रखना होता है।
मुख्यतः 5 पॉइंट है जो Blog Writing के लिए जरूरी है :
1. शीर्षक और मेटा विवरण
शुरुवात हमे शुरू से ही होती है, ब्लॉग का शीर्षक जितना जादा आकर्षित करने वाला होगा उतना ही जादा व्यू आएंगे। जब भी कुछ सर्च करते है तो सर्च इंजिन आपको सिर्फ शीर्षक और मेटा विवरण ही दिखाता है। बाकी की आर्टिकल लिंक पे क्लिक करने के बाद आती है। अगर आपका शीर्षक आकर्षित करने वाला नहीं होगा, तो आपके लिंक पे क्लिक की संभावना बहुत काम हो जाएगी।
शीर्षक आपका एक दम सटीक होना चाहिए और मेटा विवरण मे ये जानकारी होनी चाहिए आपके ब्लॉग मे क्या है खास। SEO के लिए दोनों मे आपका मुख्य कीवर्ड होना चाहिए।
2. शुरुवाती परिचय
जब आप ब्लॉग लिखना शुरू करें तो अपने टॉपिक के बारे मे 300 से 400 शब्दों का परिचय जरूर लिखे। इस परिचय ये साफ साफ लिखा होना चाहिए की आप आज क्या बताने वाले है और इसको पढ़ने के बाद आपके पढको को फायदा क्या होगा। परियच देते समय आपने वाक्यों को 1 से 2 लाइन से जादा न लिखे। SEO के लिए आपका मुख्य कीवर्ड पहले 100 शब्द के बीच मे अन्य जरूरी है।
3. टेबल ऑफ कंटेन्ट
ब्लॉग में टेबल ऑफ कंटेन्ट बहुत जरूरी होता है। इसका सबसे बड़ा कारण है ब्लॉग की लंबाई। कोई ब्लॉग 1000 शब्दों का भी होता है तो कोई 4000 शब्दों का। टेबल ऑफ कंटेन्ट यूजर को आसानी से टॉपिक पे ले जाने मे सहायक होता है।
मन लीजिए आपने जो ब्लॉग लिखी उसके शुरुवाती 2 या 3 पॉइंट यूजर को पता है। तो वो उन्हे चोर कर उस पॉइंट पे जाना चाहेगा जिसके बारे में उसे जानना है। इस काम मे टेबल ऑफ कंटेन्ट बहुत लाभ कड़ी सभीत होता है। SEO के नजरिए से देखे तो गूगल टेबल ऑफ कंटेन्ट को बारीकी से पढ़ता है और कीवर्ड को चुनता है।
4. ब्लॉग का मुख्य भाग
अब बात आती है आपके ब्लॉग के मुख्य कंटेन्ट की जहा आप आपनी जानकारी साझा करते है। आपको सबसे पहले कोशिश करना है छोटे छोटे paragraph बानने की, जादा बड़ा वाक्य कोई नहीं पढ़ना चाहता है। जितना जादा हो सके पॉइंट के रूप मे आपने बातों को दर्शाये। सब-हेडिंग का इस्तेमाल करें, अपने कीवर्ड को सब हेडिंग और कंटेन्ट के बीच में लगाए।
External ओर internal लिंक का उपयोग करें ये आपको SEO के काफी मद्दत देगी। हरेक 200 या 250 शब्द के बाद हो सके तो इमेज या विडिओ का इस्तेमाल करें। इमेज के Alt Text मे अपने कीवर्ड को दर्शाये। इमेज ओर विडिओ हमेशा उस पॉइंट से संबंधित होने चाहिए जहा पे आपने उसका इस्तेमाल किया है।
5. अंतिम वाक्य
किसी भी ब्लॉग मे उसकी समाप्ति बहुत अहम भूमिका निभाती है। आपके 1000 या 2000 शब्दों के ब्लॉग का ये निचोर होता है। जिस तरह शुरुवात में जानने की जिज्ञासा पैदा की जाती है उसी तरह अंत में उसका समाधान दिया जाना जरूरी होता है।
कोशिश हमेशा यही करें आपका ये फाइनल वाक्य 100 शब्दों के भीतर खतम जो जाए। SEO के लिए अपना मुख्य कीवर्ड इसमे जरूर इस्तेमाल करें। बहुत से पाठक पहले अंत को पढ़ते है जब उनको अपने सवाल का जबाब दिखता है तब जाके ब्लॉग को पढ़ते है। पाठक के रिव्यू के लिए अंत मे कोई सवाल या सुझाओ जरूरी मांगे। ऐसा करने से आपके ब्लॉग मे कमेन्ट आएगा और लोगों का लगाओ बना रहेगा।
निष्कर्ष
आशा करता हूँ आपको कंटेन्ट राइटिंग के बारे मे बहुत कुछ मालूम चल गया होगा। हो सकता कुछ पॉइंट मुझ से छूट गया हो लेकिन जिनते भी मैंने पॉइंट बताए है वो आपको एक याचा कंटेन्ट राइटर बनाने के लिए काफी है।
खास कर के जो नये ब्लॉग है जिन्होंने पहले कभी ब्लॉग नहीं लिखी है। उनको सभी पॉइंट को फॉलो करने की सलाह मई दूंगा। वैसे ब्लॉगर जो पहले से ब्लॉगिंग कर रहे लेकिन गेस्ट राइटर का इस्तेमाल जादा करते है वो अभी अपनी राइटिंग स्किल को इस blog के माध्यम से बढ़ा सकते है।
धन्यवाद!