प्रज्ञा जायसवाल की हिंदी डेब्यू और Hema Committee रिपोर्ट पर उनके विचार

By Khushboo Parveen - Intern 3 Views
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(Image Source: Social Media Sites)

प्रज्ञा जायसवाल, जो पहले से ही दक्षिण भारतीय फिल्मों में एक स्थापित अभिनेत्री हैं, ने अपनी हिंदी फिल्मी करियर की शुरुआत एक अनोखे तरीके से की। उन्होंने फिल्म ‘खेल खेल में’ से हिंदी सिनेमा में कदम रखा।

प्रज्ञा ने स्वीकार किया कि यह निर्णय उनके लिए असामान्य था। उन्होंने कहा, “मैंने कभी नहीं सोचा था कि मैं एक समूह फिल्म से शुरुआत करूंगी, खासकर जब अब ऐसी फिल्में कम ही बनती हैं। जब निर्देशक मु्दस्सर अज़ीज़ मेरे पास इस फिल्म का प्रस्ताव लेकर आए, जिसमें सात अभिनेता थे, तो मुझे विश्वास नहीं हुआ।”

हाल ही में Hema Committee रिपोर्ट के बाद दक्षिण भारतीय फिल्मों में कार्य परिवेश पर सवाल उठे हैं। प्रज्ञा ने अपने करियर की शुरुआत तेलुगु सिनेमा से की थी और उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि उन्हें कभी भी किसी भी प्रकार की यौन उत्पीड़न का सामना नहीं करना पड़ा। उन्होंने कहा, “मैंने हमेशा पेशेवर लोगों के साथ काम किया है, जो अपने काम को समझते थे। मुझे कभी भी किसी संदिग्ध स्थिति से निपटने की जरूरत नहीं पड़ी। मैंने कभी असुरक्षित या असहज महसूस नहीं किया।”

प्रज्ञा ने यह भी कहा कि यह बहुत हद तक उन लोगों पर निर्भर करता है जिनके साथ आप काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा, “आप पूरे उद्योग को दोष नहीं दे सकते। यह सब इस बात पर निर्भर करता है कि निर्देशक या निर्माता अपनी टीम की सुरक्षा और आराम के लिए क्या कदम उठाते हैं। हम यहां फिल्में बनाने के लिए हैं और हमारा लक्ष्य एक ही है। अगर यह समझौता होता है, तो आपको वहां से तुरंत निकल जाना चाहिए।”

महिला सामूहिक प्रयासों की सराहना करते हुए प्रज्ञा ने कहा, “समाज में, हर पेशे में महिलाओं के लिए सुरक्षित माहौल बनाना बहुत जरूरी है। हम लंबे समय से समानता की बात कर रहे हैं, और अब समय आ गया है कि हम इसके लिए कदम उठाएं। अगर किसी उद्योग में यह नहीं है, तो हमें उसे महिलाओं के लिए आरामदायक बनाने के लिए काम करना चाहिए। मैं आभारी हूं कि इस दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं।”

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